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बालतोड़ त्वचा रोग: कारण, लक्षण व उपचार

मनुष्यों की त्वचा मे तेल ग्रंथियां व रोम छिद्र पाए जाते हैं रोम छिद्र में रोम यानी बाल उगते हैं जो कि त्वचा को ताप आदि अवस्था में सुरक्षा करते हैं। इन्हीं रोम या बाल के टूटने पर त्वचा में दर्दनाक गांठ बन जाती हैं जिसे बालतोड़ कहते हैं। बालतोड़ एक प्रकार का त्वचा संक्रमण है जो बाल के रोमो या तेल ग्रंथि में होता है। इस संक्रमण में सबसे पहले संक्रमित त्वचा लाल हो जाती है और एक दर्दनाक गांठ बन जाती है। 4 से 7 दिन के बाद गांठ सफेद होने लगती है। जिसमें मवाद इकट्ठा हो जाता है।

बालतोड़ त्वचा रोग : बालतोड़ के कारण

बालतोड़ अधिकांश स्टेफिलोकोक्कस बैक्टीरिया के कारण होते हैं। यह रोगाणु शरीर में छोटी सी खरोच या गांव के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं। और रोम की सहायता से रोम छिद्र तक पहुंच जाते हैं। यह डायबिटीज के कारण भी हो सकता है। नाक के अंदर जीवाणु जमा होने से भी यह हो सकता है।खराब रोग प्रतिरोधक प्रणाली और शरीर में पोषक तत्वों की कमी होना भी एक अहम कारण है। त्वचा की साफ-सफाई पर ध्यान न देना और रसायन युक्त उत्पादों के प्रयोग से भी बालतोड़ हो सकता है।

बालतोड़ त्वचा रोग : लक्षण

आमतौर पर बालतोड़ चेहरे, गर्दन, अंडरऑर्म्स, कूल्हों या फिर जांघों पर होते हैं। इसकी शुरुआत एक छोटी-सी फुंसी के साथ होती है। इसका आकार चेरी से लेकर अखरोट जितना हो सकता है। कई बार फोड़े और बालतोड़ में अंतर करना मुश्किल हो जाता है। हम यहां कुछ ऐसे लक्षण बता रहे हैं, जिनकी मदद से बालतोड़ की पहचान की जा सकती है। फोड़े के चारों ओर त्वचा लाल रंग की नजर आती है। फोड़े और उसके आसपास सूजन आ जाती है। इसके कारण असहनीय दर्द होता है। कुछ दिनों के बाद इसमें गांठ बनने लगती है। फिर इसमें मवाद भरनी शुरू हो जाती है। कुछ लोगों को इससे बुखार भी आ सकता है। पीड़ित व्यक्ति को कमजोरी व थकावट महसूस हो सकती है।

 

बालतोड़ से बचने के उपाय

संक्रमित बीमारी बालतोड़ घरेलू उपाय तथा डॉक्टर इलाज दोनों के द्वारा ठीक की जा सकती है। निम्न दिशा निर्देशों का पालन करके बालतोड़ को रोकने में मदद मिलती है| संक्रमित पारिवारिक सदस्य के कपड़ों बिस्तर और तौलिये को अच्छे से धोए। छोटे और मामूली त्वचा के घावों को नजरअंदाज ना करें। उनका ठीक रूप से उपचार करें सफाई का ध्यान रखें पोषण युक्त आहार लें।

बालतोड़ का डॉक्टर इलाज

यदि संक्रमण गंभीर होता है तो डॉक्टर रक्त परीक्षण की सलाह देते हैं। और एंटीबायोटिक दवाओं आदि से इलाज करते हैं। बालतोड़ के जनक बैक्टीरिया के बारे में जानने हेतु जीवाणुओं का वृद्धि परीक्षण किया जाता है। फोड़े को जल्द से जल्द ठीक करने के लिए दिन में दो या तीन बार ड्रेसिंग करवाना चाहिए। ड्रेसिंग करते समय घाव धो देना चाहिए और उस पर एंटीबायोटिक मरहम लगाकर पट्टी से बांध देना चाहिए यदि फोड़े का क्षेत्र सुर्ख लाल रंग का हो तो डॉक्टर से पुनः संपर्क करना चाहिए।

बालतोड़ के घरेलू उपाय

फोड़े होने पर सबसे पहले हम घरेलू उपचार करते हैं हमारे घर में ऐसी सामग्रियां मौजूद होती हैं जो दर्द और परेशानी से राहत दान कर सकती हैं और जल्द से जल्द उपचार करती हैं फोटो का उपचार करने का एकमात्र तरीका है उन्हें नरम करके उन दो प्रसिद्ध बैक्टीरिया संक्रमण को बाहर निकाल दें ना बालतोड़ के कुछ घरेलू उपाय निम्नलिखित हैं

1. टी ट्री तेल

सामग्री :

टी ट्री तेल की सात बूंदें
आधा कप विच हेजल
सूती कपड़ा हो जाए

प्रयोग की विधि :

तेल को विच हेजल के साथ मिक्स कर लें। फिर सूती कपड़े को इसमें भिगोकर प्रभावित जगह पर लगाएं। आप इसे रोज दिन में तीन बार लगाएं, जब तक कि बालतोड़ पूरी तरह से ठीक न हो जाए।

2 कलौंजी का तेल

कलौंजी बालतोड़ के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के त्वचा संक्रमण के लिए सबसे लोकप्रिय प्राकृतिक उपचारों में से एक है। कलौंजी के औषधीय गुण पौधों में होने वाले दर्द में राहत पहुंचाते हैं। सबसे पहले कलौंजी के कुछ बीज लें उन्हें पीसकर पेस्ट बना लें इस पेस्ट को प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं बीज के अलावा आप कलौंजी का तेल भी लगा सकते हैं।  बालतोड़ के लिए  यह लाभदायक होता है।

3 हल्दी

प्रक्रिया नंबर-1सामग्री :

एक चम्मच हल्दी पाउडर
थोड़ा-सा पानी
प्रयोग की विधि :

हल्दी पाउडर में इतना पानी डालें कि पेस्ट बन जाए।

अब इस पेस्ट को प्रभावित जगह पर लगाकर छोड़ दें।
प्रक्रिया नंबर-2सामग्री :

एक चम्मच हल्दी पाउडर
एक गिलास दूध

प्रयोग की विधि :

दूथ को हल्का गर्म कर लें और फिर उसमें हल्दी डालकर सेवन करें।

4. गर्म कपड़े से सिकाई करें

एक गर्म कपड़े से सिकाई करना फोड़े के दर्द को कम करने और फोड़े में रक्त परिसंचरण बढ़ाने के लिए सबसे आसान तरीका है। सबसे पहले गर्म पानी में एक साफ कपड़े को भिगो हैं और से 10 मिनट के लिए फोड़े पर रखें गर्म पानी में नमक का भी उपयोग किया जा सकता है लेकिन कपड़ा गर्म और गीला होना चाहिए इस प्रक्रिया को दिन में तीन या चार बार दोहराएं।

5. प्याज

प्याज में अनेकों एंटीसेप्टिक रसायन होते हैं जो बालतोड़ के उपचार में प्रभावी रूप से कार्य करते हैं सबसे पहले प्याज की एक मोटी स्लाइस काट हैं और से फोड़े पर रखें फिर से कपड़े से लपेट दें और कुछ घंटों के लिए छोड़ दें प्याज में उपस्थित एंटीसेप्टिक रसायन फोड़े को पका देगा जिससे मवाद आसानी से निकल जाता है।6. लहसुन

लहसुन में कई सारे औषधीय तत्व पाए जाते हैं जो कि त्वचा संबंधी रोगों के संक्रमण को कम करते हैं व राहत पहुंचाते हैं सबसे पहले ताजे लहसुन  का पेस्ट तैयार करें फिर इसे फोड़े पर लगाएं एक लहसुन की फांक को गर्म करें और इस से 10-10 मिनट के लिए दिन में कई बार फोड़े पर रखें।

7. मकई का आटा

मकई पौधों के इलाज के लिए प्राकृतिक उपचार है सबसे पहले  पानी को उबाल लें। फिर इसमें मकई का आटा मिलाकर पेस्ट बना लें इस पेस्ट को बालतोड़ पर लगाएं और एक कपड़े से ढक लें इस प्रक्रिया को दिन में कई बार दोहराएं जब तक कि थोड़ा नरम होकर मवाद के रूप में बाहर बह ना जाए।

उपर्युक्त घरेलू उपायों के माध्यम से त्वचा संक्रमित रोग बालतोड़ से उपचार प्राप्त किया जा सकता है।

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